हमारे मस्तिष्क कि संरचना कुछ इस प्रकार बनी होती है कि कोई भी चीज को समझने के लिए हमारा मस्तिष्क तुलना करके समझता है।
जैसे - मोटिवेशन ल भाषण सुनकर हम भी मोटिवेट ही जाते है और बहादुर लोगो की कहानी सुनकर रोएं खड़े हो जाते है।
लोगो को अच्छा करते देखकर हमें भी अच्छा करने की इच्छा होती है।
जब कोई काम करने जाते है तो समान इधर उधर पड़ा रहता है तो हम फ्रस्टेट हो जाते है और वहीं अगर सब कुछ अच्छा डिजाइन में तो खुश हो जाते है यह भी इसी का परिणाम है।
जब हम किसीकी रिस्पेक्ट करते है तो वह भी हमारी रिस्पेक्ट करता है।
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