जब हम बहुत खुश या बहुत दु:खी होते हैं, दोनों ही परिस्थितियों में हम शराब का सेवन करते हैं ऐसा इसलिए हम करते है क्योंकि लगातार कोई कार्य करते रहने पर ऊर्जा की खपत होती रहती है और जीत हासिल करने पर या हिम्मत हार जाने पर उर्जा की खपत नहीं होती और उसका इस्तेमाल हम शराब पीने या अन्य चीजों में करते हैं अत: बहुत बड़ी सफलता या बहुत दु:खी होने पर हम शराब का सेवन करते हैं।
हमें अपने मस्तिष्क की multiple thinking को कंट्रोल करने के लिए कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए मान लीजिए 2 आदमी है दोनों दो तरीके की बातें करते हैं जैसे। (1) आप अपना कैरियर अपने intrestअनुसार चुनें। (2) अगर आप फेल होते हो तो आप निराश ना हो और बार-बार कोशिश करते रहो आप चाहे जितनी बार फेल हो लेकिन फिर से खड़े हो जाओ और कोशिश करते हो कभी ना कभी आपको सफलता अवश्य मिलेगी। अगर आप इस बात को दिल से लेते हो तो आप क्या करेंगे शायद जो आपको auchha लगे या डिस्ट्रैक्ट हो जाओगे और सोचोगे की सब पागल है सब अपनी जगह सही है सबसे पहले अपने intrest को ध्यान में रखना होगा अगर intrest यही है तब यह करें। अगर फिर भी कुछ न समझ आए तब टूरिस्ट पर जा सकते हो क्योंकि हमारा ब्र मस्तिष्क संरचना हर सेकंड बदल रहा है इससे आप problem देखोगे prooblem को अलग नजरिए से देखोगे और solotion आसानी से निकालोगे।
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