हाय दोस्तो !
जैसे कि हमें पता है कि कोई भी चीजें के दो पक्ष होते है ।
अच्छे और बुरे परन्तु अधिक अच्छा जो होता है
उसे ही हम अच्छा मानते है उसी तरह किसी चीज को किसी से तुलना करते है तो अलग अलग परिस्थिति में अच्छाइयां और बुराइयां दोनों हैं
उदाहरण के लिये-
एक महान आदमी से अपनी तुलना करते है तो हम भी महान बन सकते है यह हमारे लिए लाभदायक होगा
और यदि नहीं बन सकते तो हो सकता है कि हम हिम्मत हर जाय और पहले से भी बुरी स्थिति हो जाय।यदि बुरे आदमी से तुलना करेंगे तो अधिक आशा है उसी की तरह बन जाने की ।
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